Saturday, November 15, 2008
Thursday, November 13, 2008
आतंकवाद पर दोहरा मापदंड
यह बड़े अफ़सोस की बात है की भारत में आए दिन आतंकवादी घटनाएँ घटती रहती हैं। इस प्रकार की हर घटना के बाद बड़ी आसानी से कह दिया जाता है की इनके पीछे किसी मुस्लिम संगठन का हाथ है। मुस्लमान बार बार यह कहते रहे की कोई भी सच्चा मुस्लमान कभी किसी बेक़सूर की जान नही ले सकता। मगर हर मर्तबा किसी न किसी बात को बहाना बनाकर मुसलमानों को बदनाम किया गया। अब जबकि मलेगओं बम धमाके के सिलसिले में कई हिंदू गिरफ्तार हो रहे हैं तो कोई यह नही कह रहा है की हिंदू भी आतंकवादी हो सकते है। आख़िर यह दोहरा मापदंड क्यों।
सच्चाई यह है की आतंकियों का कोई धरम नही होता। उसका एक ही मकसद होता है बेक़सूरों की जान लेकर लोगों में दहशत फैलाना। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त करवाई होनी चाहिए। उन पर करवाई के दौरान यह नही सोचना चाहिए की वोह हिंदू है या मुस्लमान। सब से अफ़सोस की बात तो यह है की पहले साध्वी, फिर सेना के जवान और अब स्वामी इस सिलसिले में गिरफ्तार हुए हैं। इस से अधिक खतरनाक बात और क्या हो सकती है की एक सेना का जवान जिस पर देश की रक्षा करने की ज़िम्मेदारी होती है वोह आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त है। ऐसा आदमी देश की सुरक्षा के लिए काफी नुकसान देह साबित हो सकता है। खुदा हमारे मुल्क की हिफाज़त करे.
सच्चाई यह है की आतंकियों का कोई धरम नही होता। उसका एक ही मकसद होता है बेक़सूरों की जान लेकर लोगों में दहशत फैलाना। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त करवाई होनी चाहिए। उन पर करवाई के दौरान यह नही सोचना चाहिए की वोह हिंदू है या मुस्लमान। सब से अफ़सोस की बात तो यह है की पहले साध्वी, फिर सेना के जवान और अब स्वामी इस सिलसिले में गिरफ्तार हुए हैं। इस से अधिक खतरनाक बात और क्या हो सकती है की एक सेना का जवान जिस पर देश की रक्षा करने की ज़िम्मेदारी होती है वोह आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त है। ऐसा आदमी देश की सुरक्षा के लिए काफी नुकसान देह साबित हो सकता है। खुदा हमारे मुल्क की हिफाज़त करे.
Tuesday, November 11, 2008
अलविदा गांगुली
वैसे तो क्रिकेट में खिलाड़ी विदा होते ही रहते हैं मगर कुछ खिलाडिओं की विदाई कुछ खास होती है। ऐसी ही खास विदाई सौरव गांगुली की होई है। गांगुली हिंदुस्तान ही नही बल्कि दुनिया के कुछ खास खेलाडिओं में से एक हैं। एक प्लेयर के तौर पर तो वोह सफल रहे ही एक कैप्टेन के तौर पर वोह भारत के सब से सफल कप्तान साबित हुए। वैसे तो गांगुली के करियर में कई विवाद आए मगर इस सब के बावजूद उन्हों ने इंडिया टीम में जो स्पिरिट पैदा की वोह किसी दूसरे कप्तान के दौर में नही देखा गया। वैसे तो हर दौर में अच्छे खिलाड़ी आते रहें है और आते रहेंगे मगर अपने कुछ खास स्टाइल की वजह से गांगुली ने इंडियन क्रिकेट को एक खास पहचान दिलाई थी जिसे भुला पाना मुश्किल होगा। टेस्ट में जहाँ वोह भारत के सब से सफल कप्तान है वहीँ ओने एक दिवसिये मैचों में वोह भारत के अजहरुद्दीन के बाद दूसरे सब से सफल कप्तान हैं।
जो लोग गांगुली को समय से पहले क्रिकेट छोड़ने की सलाह दे रहे थे उनको भी अपनी गलती का अहसास तब हुआ जब गांगुली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली टेस्ट में शानदार शतक बनाया। अपनर करियर के अन्तिम टेस्ट में भी नागपुर की पहली इनिंग में उन्हों ने ८५ रन बनाये। गांगुली अब हमें शायद मैदान पर नज़र नही आयें मगर हम उनके खास अंदाज़ को हमेशा याद रखेंगे.
जो लोग गांगुली को समय से पहले क्रिकेट छोड़ने की सलाह दे रहे थे उनको भी अपनी गलती का अहसास तब हुआ जब गांगुली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली टेस्ट में शानदार शतक बनाया। अपनर करियर के अन्तिम टेस्ट में भी नागपुर की पहली इनिंग में उन्हों ने ८५ रन बनाये। गांगुली अब हमें शायद मैदान पर नज़र नही आयें मगर हम उनके खास अंदाज़ को हमेशा याद रखेंगे.
Saturday, November 8, 2008
जाकिर नायक के खिलाफ फतवा
काजी मुफ्ती अब्दुल इरफान ने जाने माने iसलामी विदुआन जाकिर नायक के खिलाफ कुफ्र का फतवा जारी किया है । दुनिया भर में इस्लाम के हजारों जानकार हैं और कई मामलों में सब के अपने अपने विचार हैं। इस्लाम के कई अहम् इस्सुए ऐसे हैं जिन उलमा मैं इख्तिलाफ है मगर इसका मतलब यह नही है की किसी के खिलाफ फतवा जरी कर दिया जाए। जाकिर नायक सिर्फ़ हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि साडी दुनिया में अपनी न सिर्फ़ इस्लाम बल्कि दिनया के मुख्तलिफ धर्मों के बारे में अपनी बेहतरीन जानकारी के लिए जाने जाते हैं.हर कोई उनकी बातों को गौर से सुनता है। उनसे कुछ ग़लती हो सकती है मगर कोई ज़रूरी नहीं है की जो कोई उन्हें ग़लत कह रहा है वोह सही कह रहा हो। यदि उनकी किसी बात पर किसी को इख्तिलाफ है तो मिल बैठ कर इसका हल निकला जन चाहिए। अभी मुसलमानों के लिए सब से ज़रूरी यह है की आपस में मिल कर रहा जाए और दूसरे धरम के लोगों के सामने इस्लाम की सही तस्वीर पेश की जाए। इसी में मुसलमानों की भलाई है। एक दूसरे के खिलाफ बयान देकर इस्लाम और मुस्लमान का भला नही हो सकता.
Friday, November 7, 2008
laxman का कमाल
आख़िर कर हिंदुस्तान ही नही बल्कि दुनिया के बेहतरीन स्टाइलिश बल्लेबाज़ लक्ष्मण ने अपने १०० टेस्ट पुरे कर लिए । इसके लिए वोह बधाई के पात्र हैं। उनसे पहले यह कमल भारत के केवल आठ बल्लेबाजों ने किया है.वैसे तो लक्ष्मण सभी देशों के विरुद्ध सफल रहे मगर ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध वोह कुछ ज़ियादः ही कामयाब रहे। ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध उन्हों ने २००० से अधिक रन बनाये। ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध उन्हों ने दो बार डबल शतक बनाया। २००१ में कोल्कता में २८१ रन की परी को भला कौन भूल सकता है। उनकी इस परी से भारत न केवल बेहतर पोसीशन में आ गया था बल्कि जीत भी हासिल की थी। दिल्ली में खेले गए तीसरे टेस्ट में पहली परी में २०० और दूसरी परी में भी अर्ध शतक बनाकर उन्हों ने साबित कर दिया है की उनमें अभी काफी जान बाकुई है और वोह अभी भर को अपनी सेवाएँ देते रहेंगे.
Saturday, November 1, 2008
पुलिस मुस्लिम मुलाक़ात
इस में किसी को एतेराज़ नही होना चाहिए की आज ऐसा माहोल बन गया है जिसमें लोग और मीडिया समझ एः है की बतला हाउस एनकाउंटर के बाद पुलिस और मुसलमानों में दूरी बढ़ी है । इसी दूरो को कम करने और मुल्क में मुसलमानों की सही तस्वीर पेश करने के लिए जामिया नगर में रहने वाले पत्रकारों ने जामिया नगर के लोगों और दी सी पी के साथ एक मुलाक़ात कराइ। परवेज़ आलम खान यावर रहमान और शहीद सिद्दिकुई जैसे पत्रकारों नें मिलकर एक तंजीम जर्नलिस्ट असोसिएशन फॉर पीपुल (जप)। जप के programme के dauran दकप अजय chaudhry ने कहा की बतला हाउस एनकाउंटर के बाद अगर आपको ऐसा lgta है की आप ग़लत जगह पर रह rahein हैं to ऐसी सोच ग़लत है। एक दो ग़लत लोगों की wajah से पुरा elaqa badnam नही ho जाता .unhon ने लोगो से appeal की के पुलिस पर bharosa karein woh आपकी मदद से ही कम कर सकती है। इस awsar पर जप के president परवेज़ ने लोगों से कहा की आप हम पर bharosa karein और हमारे पास aayen हम आपकी हर मुमकिन मदद करेंगे। vice presedent यावर रहमान नें जप का maqsad bayan किया और कहा की आज पुलिस और musalman में जो gap है हमारा paqsad उसी gap को कम करना है.
आपस में बढती नफरत
बड़े अफ़सोस की बात है की आजकल देश में दो धर्मों के बीच नफरत बढती जा रही है .यह देश के विकास के लिए सही नही है। इस बारे में हमें संजीदगी से सोचना होगा हम सब आपस में मिलकर की देश को विकसित कर सटकते हैं। हमें हिंदू मुस्लिम भाई भाई का नारा नही भूलना चाहिए.
Friday, October 31, 2008
assam mein nafrat
yeh apne mulk mein kya ho raha hai. maharashtra mein MNS ke log North Indian par hamla kar rahe hain aur ab pata nahi kisne assam mein beqasooron ko mara hai. yeh harkat jiski bhi ho ghalat hai aur iski ninda honi chahiye, duniya ka koi bhi dharm kisi beqasoor ki hatya ko ghalat batata hai. Aise logo ko khuda aur bhagwan hi samajh de
Thursday, October 30, 2008
sharmnak hai yeh harkat
Maharashtra main MNS ke log jo kuchh kar rahe hain woh is desh ke liye sharmnak hai. Unhe yeh samajh mein nahi aa raha hai ki yeh mulk sab ka hai aur har nagrik ko yeh adhikar hai ki pure mulk mein jahan chahe jakar rahe aur apni liye rozi roti kamaye. Aise mein Raj Thakre aur unke logon par sakht karwayi ki Zaroorat hai. Woh desh ko bantne ka kaam kar rahe hain
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