Tuesday, November 11, 2008

अलविदा गांगुली

वैसे तो क्रिकेट में खिलाड़ी विदा होते ही रहते हैं मगर कुछ खिलाडिओं की विदाई कुछ खास होती है। ऐसी ही खास विदाई सौरव गांगुली की होई है। गांगुली हिंदुस्तान ही नही बल्कि दुनिया के कुछ खास खेलाडिओं में से एक हैं। एक प्लेयर के तौर पर तो वोह सफल रहे ही एक कैप्टेन के तौर पर वोह भारत के सब से सफल कप्तान साबित हुए। वैसे तो गांगुली के करियर में कई विवाद आए मगर इस सब के बावजूद उन्हों ने इंडिया टीम में जो स्पिरिट पैदा की वोह किसी दूसरे कप्तान के दौर में नही देखा गया। वैसे तो हर दौर में अच्छे खिलाड़ी आते रहें है और आते रहेंगे मगर अपने कुछ खास स्टाइल की वजह से गांगुली ने इंडियन क्रिकेट को एक खास पहचान दिलाई थी जिसे भुला पाना मुश्किल होगा। टेस्ट में जहाँ वोह भारत के सब से सफल कप्तान है वहीँ ओने एक दिवसिये मैचों में वोह भारत के अजहरुद्दीन के बाद दूसरे सब से सफल कप्तान हैं।
जो लोग गांगुली को समय से पहले क्रिकेट छोड़ने की सलाह दे रहे थे उनको भी अपनी गलती का अहसास तब हुआ जब गांगुली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली टेस्ट में शानदार शतक बनाया। अपनर करियर के अन्तिम टेस्ट में भी नागपुर की पहली इनिंग में उन्हों ने ८५ रन बनाये। गांगुली अब हमें शायद मैदान पर नज़र नही आयें मगर हम उनके खास अंदाज़ को हमेशा याद रखेंगे.

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